विज्ञापन

पिता दिवस विशेष

MOHD TASVIRUL ISLAM

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            साया जब तक माँ बाप का सर पर होता है
        
                                                    
                            
इंसान तब तक दुनिया में शंहशाह होता है

माँ बाप से बढ़कर दुनिया में कोई नहीं होता
ईश्वर रुप में बच्चों की वह जान होता है

ज्ञान की पहली सीढ़ी ममता होती है
माँ बाप सफलता की डिग्री होती है

उनकी दुआओं का कोई काट नहीं रब पास
रब भी माने हैं उनको होने का एहसास

उनकी इज्ज़त कर एै माटी के इंसान
घर में तेरे जन्नत है उनकी सेवा कर इंसान


पिता दिवस विशेष

मोहम्मद तस्वीरूल इस्लाम


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajiv Tyagi

423 कविताएं

View Profile

Anil Kumar

4216 कविताएं

View Profile

Sanjay Nirala

42 कविताएं

View Profile

RATAN KUMAR

616 कविताएं

View Profile