मच्छर मामा मच्छर मामा
ना मुझको तुम सुई लगाना
जब भी सुई लगाते हो
रात की नींद भगाते हो
थोड़ा ही तो खून है मुझ में
तुम उसको पी जाते हो
दया नहीं दिखाते हो
रात को मुझे जगाते हो
मच्छर मामा मच्छर मामा
ना मुझको तुम सुई लगाना
पूरा इलाका घूम के तुम
क्यूं घर मेरे आ जाते हो
कान के पास बैठकर मेरे
गाना बहुत सुनाते हो
बदन पे मेरे दाग पड़ गए
फिर भी नहीं लजाते हो
मच्छर मामा मच्छर मामा
ना मुझको तुम सुई लगाना
नन्हा मुन्ना बच्चा हूं मैं
मुझे काटना पाप है
दूर ही रहिएगा मुझसे
यह मेरा अभिशाप है
मच्छर मामा मच्छर मामा
ना मुझको तुम सुई लगाना
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