मीठे मीठे बोल हैं
मां मेरी अनमोल है
जब भी मैं उनसे रहूं दूर
कहती दुनिया गोल है
जब भी मन मेरा हो खराब
मुझे कहती गोल मटोल है
मेरी ही सृजनी है वो
बिन उसके जीवन डांवाडोल है
जब भी मेरा पेट खराब
कहती ईसबगोल है
मां मेरी अनमोल है
मीठे मीठे बोल है
एक तेरी ममता ही बस
दुनिया में बे मोल है
धरती पर है वह अभागा
जिसे मां का आंचल नहीं मिला
इसीलिए धरती का अपना
एक विचित्र भूगोल है
जब भी मां तेरी तस्वीर देखता
मन ही मन में कहता हूं
एक तू ही है सत्य धरा पर
बाकी गड़बड़ झोल है
मां मेरी अनमोल है
मीठे उसके बोल हैं
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