जीवन के कड़े अनुभव,
इंसान बनाते हैं
जीवन में कड़े अनुभव,
ईमान बनाते हैं
जब लालच आ जाता है,
मन में
इंसान को इंसान ही,
हैवान बनाते हैं
मत लो परीक्षा मज़दूरों की
पांव में उनके छाले हैं
खून से उनके सड़क है लाल
फिर भी वह मतवाले हैं
पैदल ही सब नाप दिया है
घर की एक उम्मीद में
गांव पहुंचने की जल्दी
के मोल बड़े ही निराले हैं
सरकारों का क्या है भरोसा
बस धरती अंबर करते हैं
तेरे दुख की उनको न चिंता
बस अपनी-अपनी करते हैं
मिलकर चल कुछ दूर तलक
अपना एक मुकाम बनाते हैं
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