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जय भारत की पावन भूमि

MOHD TASVIRUL ISLAM

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जय भारत की पावन भूमि तेरी यश गायें
        
                                                    
                            
अपनी है पहचान तिरंगा का परचम फहरायें
हे मातृ भूमि तेरे वैभव की गुंजे अमृत वाणी
मानवता के मन मंदिर मे धर्म ध्वजा लहरायें
जय भारत की पावन भूमि.... ................

ममता की धारा बहे यहाँ से शांति पताका फहरे
मिट जाये सब रोग धरा के ख़ुशी के अंकुर निकले
हरी भरी सुन्दर धरती शमशान ना बन्ने पाये
सदभावों का दीपक दिल से कभी ना बुझने पाये
जय भारत की पावन भूमि.....................

उत्पीडन का नाम ना हो ,मन की भ्रांति दूर भगायें
शोसित जन मानस के मन मे आशा की ज्योती जगायें
मिट जाये द्वेष, कटुता, सब वर्ग भेद की खाई
मिलकर रहें सारे मानुस बन कर भाई भाई
जय भारत की पावन भूमि...................

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