जब मन में जोश हो
प्रबल कर्तव्य बोध हो
नाप लो फिर आसमान
तुम तस्वीर प्रबोध हो
माटी के हो बने तुम
माटी में ही मिल जाना है
ईश्वर के हाथ की
तुम आलौकिक शोध हो
जीवन में कुछ अच्छा कर
नाम देश का कर जाओ
सेवा करना है दुर्बल की
मन में ये आवेग हो
शिक्षित भारत शिक्षित जन
शिक्षा करती मन को प्रसन्न
उत्तम शिक्षा जन जन तक
ले जाने का संकल्प हो
अच्छी देश की ज़लवायु हो
कार्बन का उत्सर्जन कम हो
देश के हर नागरिक के
मन में ये संकल्प हो
अपनी ऊर्जा को संजो रख
तेरे मन की अलख जगायेगी
मेहनत करके पाने की
मानुष मन में प्रबंध हो
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