अफसोस गलत दर पे दुआ मांग रहा हूँ
कातिल से मैं जीने की अदा मांग रहा हूँ
जलते हैं जो लोग तास्सुब की आग मे
मैं रब से गलतियों की रजा मांग रहा हूँ
मोहम्मद तस्वीरूल इस्लाम
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