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बहुत अकेला कर दिया मुझे मेरे अपनों ने

Meena Mohaliya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बहुत अकेला कर दिया मुझे
        
                                                    
                            
मेरे अपनों ने
सोचता हूँ की,
में बुरा या मेरी किस्मत बुरी ।

कितने मासूम होते हैं
ये आंसू 
मेरा साथ जरूर देते है
मुझे मेरे अपनों की तरह अकेला
नही छोड़ते
सोचता हु में की मेरा हँसता हुआ चेहरा मेरे अपनों का धोखा
या
रोती हुई मेरी आँखों का समन्दर से मेरा नाता गहरा
बहुत अकेला कर दिया मेरे अपनों ने मुझे
मेरे अपनों ने।।

कितना गहरा रिश्ता मेरा तन्हाइयो से
जुड़ा
विश्वास जिसे कहते है
उससे आज मेरे अपनों ने तोड़ा
अब सोचता हूँ ,
कौन हूँ मैं ,किसी के लिए
सिर्फ एक चीज और किसी के लिए बस एक खिलौना
बहुत अकेला कर दिया
मुझे मेरे अपनों

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