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ज़मीन

Manoj Sinha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम ज़िंदगी
        
                                                    
                            
जी सकते हो
ज़मीन नहीं
बन सकते
ज़मीन मां होती है
अपने कोख से, वह
सतत समृद्धि देती है
यों कहें! वह क्या नहीं देती है
अस्तित्व
अनाज
औषधि
सब-कुछ
हमें देती है
उर्वर ज़मीन के बिना
जीवन की संकल्पना
कल्पना ही हो सकती है
मात्र कल्पना।
3 वर्ष पहले
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