प्रेमिका दिल में बसी इक खूबसूरत याद होती है,
पत्नी बनकर वही मोहब्बत ज़िंदगी की बात होती है।।
प्रेमिका से इश्क़ करना तो बहुत आसान है लेकिन,
पत्नी के साथ हर मौसम में निभाना बात होती है।।
प्रेमिका की मुस्कुराहट दिल में हलचल-सी मचाती है,
पत्नी की एक मुस्कान में घर की पूरी रात होती है।।
प्रेमिका अगर रूठ जाए तो धड़कन बेचैन रहती है,
पत्नी रूठ जाए तो घर की हर खुशी मात होती है।।
प्रेमिका के साथ सपनों में हसीं दुनिया सजती है,
पत्नी के संग उन्हीं सपनों की नई शुरुआत होती है।।
प्रेमिका मोहब्बत का पहला खूबसूरत अध्याय है,
पत्नी बनकर वही मोहब्बत पूरी कायनात होती है।।
प्रेमिका यादों में अक्सर चाँद बनकर जगमगाती है,
पत्नी बनकर ज़िंदगी की आख़िरी सौगात होती है।।
सदा जिसे प्रेमिका समझकर मेरे दिल ने चाहा था ,
वही पत्नी बने तो मोहब्बत की असली औकात होती है।।
इश्क़ तो केवल पाने का नाम नहीं है ऐ दिल ,
जिसमें त्याग हो , वही मोहब्बत की पहचान होती है।।
‘कवि एमके. सिंह बस ’ इतना ही समझ पाया उम्र भर,
प्रेमिका दिल की चाहत,पत्नी दिल की जान होती है।।