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होली के रंग बिरंगे हुड़दंग के..

Manoj Singh

Mere Alfaz
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                            होली के रंग बिरंगे हुड़दंग
        
                                                    
                            
के हो गए हैं आगाज।।

मत पियो रम और विस्की
मत पियो ठंडई आज।।

खाएं खूब पुए मालपुए दही
बड़े सजाओं व्यंजन भरा प्लेट।।

आपस में मिल जुल कर रंग
गुलाल लगाओ,खिलाओ भर पेट।।

फूहड़ता से दूर रहे हम करें, हर
सम्बन्धों का सदैव ही सम्मान।।

होली नहीं देते किन्ही को हुड़दंग के
इजाजत, नहीं करें किन्ही का अपमान।।

माता पिता,भायी बहना,जीजा शाली
भैय्या भाभी,सारे संबंध होते हैं पाक ।।

कुछ लोगों के द्वारा ही होली को संघर्ष
का बहाना ढूंढ, कर जाते हैं नापाक।।

- एम के सिंह
भागलपुर (बिहार) 
3 वर्ष पहले
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