विज्ञापन

कोलाहल

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दुनिया कुछ कहे कहती रहे मुझसे
        
                                                    
                            
खुद से कभी कुछ कहता नहीं हूँ
इतना कोलाहल है अंतस में मेरे
खुद की भी अब मैं सुनता नहीं हूँ।

- मं शर्मा (रज़ा)
4 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all