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बारिश की बूँदें

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बारिश की बूँदों में
        
                                                    
                            
सिहरती हवाएँ
गरजते बादलों से
आने लगी सदाएँ

भूली बिसरी बातें
फिर से सताएँ
क्यों ना चाय के धुएँ में
यादें उड़ाएँ।

- मं शर्मा (रज़ा)
2 महीने पहले
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