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आँसुओं की फसल उग आई।

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            क्रोध था छलक गया
        
                                                    
                            
मायूसी घर तक आई
अहंकार ले डूबा
दंभ ने लंका जलाई

शब्द जब खामोश हुए
अंतस में थी पीर समाई
नयनों की नमी से
आँसुओं की फसल उग आई।
-मं शर्मा
3 घंटे पहले
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