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भालू वाला आया बाल मनोरंजन कविता

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चम चम चम चम पहन पजामा
        
                                                    
                            
गा रहा है देखो गाना
गांव के पीपल के
पेड़ के नीचे
देखो एक आया भालू वाला
नए-नए करतब दिखाने
हाथों में डमरू लेकर आया
सुंदर-सुंदर पोशाक पहन के
देखो भालू वाला आया
गांव के बच्चे दौड़ के आए
नाच देखने भालू का
बच्चे खुशी से झूम उठे
मन ही मन डोल उठे
मन में एक विचार आई
खुशी-खुशी बोल उठे
ओ भालू वाले अंकल
भालू तुम्हारा बहुत चंचल
ओढ़ा दो इसको कंबल
होने न लगे इसको कंपन
भालू वाला बोला
भालू मेरा बहुत सयाना
आता है इसको खेल दिखाना
इसको न तुम कंबल ओढ़ाना
देखो कितना फुर्तीला है
कपड़ा पहना ढीला है
स्वेटर इसका लाल है
जैकेट इसका पीला है
बदन इसका गठीला है
भालू मेरा रंगीला है
नाच नाच के तुम लोगों को
बना देगा सबल सजीला
ये मेरा होशियार भालू
बहुत ही है चालू
देखो इसका खेल
कितना जल्दी बना
लेगा तुमलोगो से मेल
भूल न पाओगे
मेरा भालू ऐसा
दिनभर खेल
दिखाने का लेता
थोड़ा पैसा
मेरा भालू बड़ा
दयालु इसकी
बाते निराली है
बच्चों तुमलोग
मस्ती से देखो मेरा
भालू खानदानी है
खेल दिखा कर जा रहा है
आएगा फिर परसो
तुम लोग इसको याद रखोगे
अगले कई वर्षों
 
6 महीने पहले
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