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भाई बहन का सबसे खास त्योहार:...रक्षाबंधन

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एहसास है "राखी"
        
                                                    
                            
दिल के पास है "राखी"
भाई बहन का सबसे
खास त्योहार है "राखी"

कच्चे धागों से बंधी
एक अटूट कहानी है
यह राखी सिर्फ रस्म नहीं
सदियों की निशानी है

बहन की होठों की दुआ
भाई की कलाई पर सजी है
इस छोटे से रेशम में
पूरी कायनात बसी है

बचपन की वो खट्टी-मीठी यादें
रूठना और मनाना
एक दूजे बिन
एक पल भी ना रह पाना
बहुत याद आते हैं
बचपन के दिन वो सुहाने

आज दूर होकर भी
वो रिश्ता उतना ही
पास नजर आता है
जब भी आता है सावन
दिल पुरानी यादों में खो जाता है

तिलक लगाकर माथे पर
बहन जब आरती उतारती है
भाई की लंबी उम्र की
रब से मन्नतें मांगती है

बदले में भाई देता है
रक्षा का पावन वचन
चाहे जो भी आए मुसीबत
साथ रहेंगे हरदम

ना सोना ना चांदी
ना हीरा ना मोती
ना बेशकीमती उपहार का
यह तो पावन संगम है
निष्कपट और निश्छल प्यार का

दूरियां चाहे जितनी भी हों
यह धागा दिलों को जोड़ देता है
वक्त की हर बंदिश को
पल भर में तोड़ देता है

सदा महकता रहे यह रिश्ता
खुशियों के आंगन में
रब करे हर भाई-बहन मुस्कुराएं
राखी के इस पावन सावन में।।
-ममता तिवारी
एक महीने पहले
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