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कभी कभी यूँ भी किया कीजिए

Mamta Khurana

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी कभी यूँ भी किया कीजिये
        
                                                    
                            
बेवजह ही दोस्तों से मिला कीजिये
गुफ्तगूं कुछ बेकार की बातें
कुछ सुना दीजिये कुछ सुना कीजिये
गम भुला देती है
फिर पल, वही लौटा देती है
गुज़रे ज़माने की दस्तक भी सुना कीजिए।
इस भीड में जहाँ तन्हा है सभी
निकाल दो पल अपनो से मिला कीजिये
बातों बातों में ही सही
एक दूसरे का हाल भी कहा कीजिये
गम कम ना होंगें मगर
कुछ पल तो अहसासों को हरा कीजिये
बेवजह ही सही, मग़र
दोस्तों से मिला कीजिये
कभी कभी यूँ भी किया कीजिये।

ममता खुराना
2 वर्ष पहले
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