हर शख्स यहाँ परेशां सा है
कोई महफ़िल से तंग तो कोई तन्हा यहाँ है।
कुछ तो दिल में गम का सामान है
जो ढूंढे हर कोई नया आसमां कहाँ है?
मिल जाये जो सब कुछ ख्वाइशों से
बताये कोई वो जरिया कहाँ है?
जो तेरा है वो किसीका ख्वाब था
सब ख्वाब पूरे हो वो जन्नत कहाँ है?
- ममता खुराना