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17 सितम्बर बाबा विश्वकर्मा जयन्ती पर कविता ...

Kumar Alok

Mere Alfaz
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                            17 सितम्बर बाबा विश्वकर्मा जयन्ती ................
        
                                                    
                            
सृष्टि के रचयिता ,
महान शिल्पी ,
विज्ञान विधाता ,
भगवान विश्वकर्मा जी को प्रणाम |
प्रेम सहित जो भी मनावे
सत्तरह सितम्बर को
विश्वकर्मा जयंती हो उसका कल्याण |
कल पुरजो को साफ करो ,
मन ही मन प्रणाम करो ,
सुबह करो और शाम करो ,
बस दिल लगा कर काम करो |
हाथो में हुनर है तो सम्मान मिलेगा ,
खाली नहीं बैठेंगे काम मिलेगा ,
इंतज़ार करेगी दुनिया आपका ,
आने पर सलाम मिलेगा |
भले न मिले सरकारी नौकरी ,
पर हुनर के बूते मिलेगी छोकरी ,
सास ससुर जब भी घर आयेंगे ,
उनकी आँखों को आराम मिलेगा |
इसलिए पढाई के साथ साथ ,
कोई हुनर भी सीखो ,
देव विश्वकर्मा का ध्यान करो ,
आलोक जग में अपना नाम करो |
||जय बाबा विश्वकर्मा ||

- कुमार आलोक


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