ये चंद पंक्तियां उसको भी ,
जिसने हम सबको जन्म दिया l
सहकर उस गहरी पीड़ा को ,
कर पालन पोषण बड़ा किया l
इस मां की महिमा है अपार,
जिसका संरक्षण पाकर मैं जिया l
नयनों, धड़कन में बस मै हूं ,
ख्वाबों, जीवन में बसता हूं l
हम पर उसके अरमान टिके ,
हां तभी मुझे बस वही दिखे l
हो सुख या विपदा में साथ रहे,
अपनी तकलीफ स्वतः वो सहे l
हूं बेसल बेकार जमाने को,
वो कर तारीफ , शरीफ कहे l
चरणों में जिसके है जन्नत ,
आशीष से पूरी हर मन्नत l
है एक शख्सियत श्रष्टि में,
संपूर्ण विश्व जिसे " मां " ही कहे l
हर पल ममता की धार बहे ,
ये पुत्र भी मां को नमन करे ........l
-जय सिंह