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मां की ममता

Jay singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ये चंद पंक्तियां उसको भी ,
        
                                                    
                            
जिसने हम सबको जन्म दिया l

सहकर उस गहरी पीड़ा को ,
कर पालन पोषण बड़ा किया l

इस मां की महिमा है अपार,
जिसका संरक्षण पाकर मैं जिया l

नयनों, धड़कन में बस मै हूं ,
ख्वाबों, जीवन में बसता हूं l

हम पर उसके अरमान टिके ,
हां तभी मुझे बस वही दिखे l

हो सुख या विपदा में साथ रहे,
अपनी तकलीफ स्वतः वो सहे l

हूं बेसल बेकार जमाने को,
वो कर तारीफ , शरीफ कहे l

चरणों में जिसके है जन्नत ,
आशीष से पूरी हर मन्नत l

है एक शख्सियत श्रष्टि में,
संपूर्ण विश्व जिसे " मां " ही कहे l

हर पल ममता की धार बहे ,
ये पुत्र भी मां को नमन करे ........l
-जय सिंह 
2 वर्ष पहले
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