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कब तलक मुखड़ा यू छिपाओगे

ij singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कब तलक मुखड़ा यू छिपाओगे
        
                                                    
                            
अरे! चांद हो तुम एक रात तो नज़र आओगे
छिपना फितरत नहीं चांद की कभी
एक रात तो आसमां में नज़र आओगे
17 घंटे पहले
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