विज्ञापन

स्वाभिमान लक पोवारी बोलो...!

Historian 0.C.

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पहचान बचावन साती
        
                                                    
                            
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।
मातृभाषा बचावन साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।।

संस्कृति बचावन साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।
संस्कृति उन्नत करन साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।।

समाज की एकता साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।
सामाजिक समरसता साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।।

भाषा विकसित करन साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।
भाषा को साहित्य बढ़ावन साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।।

सुख-दुख मा सहयोग साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।
जान- पहचान बढ़ावन साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।।

प्रेम-भाव बढ़ावन साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।
जड़ों सीन जुड़न साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।।

इतिहास बचावन साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।
समाज को उज्ज्वल भविष्य साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।।

सामुदायिक भाव साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।
समाज ला जोड़न साती
स्वाभिमान लक पोवारी बोलो।।

-ओ सी पटले
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all