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बड़े खफा-खफा हैं आजकल लोग हमसे

gauri sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बड़े खफा-खफा हैं आजकल लोग हमसे
        
                                                    
                            
करते हैं शिकायतें लंबी-चौड़ी
सुनाते हैं बहुत कुछ
कहते भी हैं कुछ-कुछ
एहसान भी जताते हैं
और गुस्सा भी दिखाते हैं
लेकिन ये क्यों भूल जाते हैं?
कि शिकवा का हक नहीं हैं उनका
इश्क देता है शिकायत का मौका
एहसान बनता है प्यार में धोखा
और धोखा नहीं बनता वफा का साथी
फिर हम क्यों बन गए अपराधी?
मुझको 'मगरूर' कहने से पहले खुद पर भी तो नजर डालिए
मुझे 'संगदिल' कहने से पहले खुद को तो पहचानिए
गर मोहब्बत होती मुझसे तो न करते आप शिकायत की बात
दो पल की बातें ही हो जाती जिंदगी में खास
कट जाता सफर उन बातों के जरिए
हो जाते हम एक उन जज्बातों के जरिए
तू नाराज होता तो भी सर-आंखों पर होता
तू दूर होता तो भी करीब होता
लेकिन शिकावाओं ने ऐसा घेरा
ना हम हुए तेरे ना तू हुआ मेरा...
बड़े खफा-खफा हैं आजकल लोग हमसे
करते हैं शिकायतें लंबी-चौड़ी...

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4 वर्ष पहले
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