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मुद्दतों बाद याद तुम्हें मेरी आई

Dr. Shahin

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुद्दतों बाद याद तुम्हें मेरी आई।
        
                                                    
                            
कि, अब क्या फायदा मेरी रुह तो परवाज़ हो चली।
2 वर्ष पहले
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