कभी कभी मन करता है, तुम से गले लगकर बताऊं कि,
तुम से दूर रहकर कितना,कैसा दर्द होता है सनम,
दुआ करना खुदा से मेरे लिए कि तुम सा अब कोई जिंदगी में आए,
मेरे उजड़े हुए आशियाने को फिर ना कोई सजाए,