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मेरा नसीब

DEEPAK TOMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चल रही थी ज़िंदगी, मेरा सफ़र अजीब था,
        
                                                    
                            
चाहिए था सब कुछ, मगर मैं ग़रीब था।
मैं इज़्ज़त करता था उसकी, जो मेरा नसीब था,
मेरा साथ उसी ने छोड़ा, जो मेरे सबसे क़रीब था।
5 घंटे पहले
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