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कहानी बन जाती

Chand Raghuvanshi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पहली बार देखा है
        
                                                    
                            
कुदरत का ऐसा नजारा।
है पछतावा दिल को
तू क्यों नहीं हुआ हमारा।।
आखिर देर क्यों कर दी तुमने आने में।
काश ! कही मिल ही जाते अनजाने में।।
होता अगर ऐसा तो कहानी नई बन जाती।
इस अजनबी दुनिया में
चांद से मुखड़े वाली हमारी कहलाती।।
धड़कनें थम सी जाती जब
तुमने सामने कदम रखा होता।
ऐसा लगता जैसे पहली बार
इस दिल ने रब को देखा होता।।
शरमा कर चाँद भी
बादलों के पीछे छुप गया होता।
तुम्हारी एक झलक पाने को
वो भी रुक गया होता।।
एक महीने पहले
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