विज्ञापन

कहानी बन जाती

Chand Raghuvanshi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पहली बार देखा है
        
                                                    
                            
कुदरत का ऐसा नजारा।
है पछतावा दिल को
तू क्यों नहीं हुआ हमारा।।
आखिर देर क्यों कर दी तुमने आने में।
काश ! कही मिल ही जाते अनजाने में।।
होता अगर ऐसा तो कहानी नई बन जाती।
इस अजनबी दुनिया में
चांद से मुखड़े वाली हमारी कहलाती।।
धड़कनें थम सी जाती जब
तुमने सामने कदम रखा होता।
ऐसा लगता जैसे पहली बार
इस दिल ने रब को देखा होता।।
शरमा कर चाँद भी
बादलों के पीछे छुप गया होता।
तुम्हारी एक झलक पाने को
वो भी रुक गया होता।।
1 hour ago
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ramesh Raj

25 कविताएं

View Profile

Junaid Ahmad

5 कविताएं

View Profile

Sooba Lal

1 कविता

View Profile

nutan Kumari

14 कविताएं

View Profile