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हंसना और आँसू

Bajrang Lal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सीने के दर्द को आँखों में उतर आने दीजिए,
        
                                                    
                            
मुझे आज जी भर के आंसू बहाने दीजिए।
रोज़ हंसता हूँ मैं दुनिया से अपने गम छुपाकर,
आज बस मुझे अपने ही हाल पर टूट जाने दीजिए।
19 घंटे पहले
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