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वक़्त की अदालत में हर फ़ैसला सुनाया जाएगा

Ashfaque Alam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वक़्त की अदालत में हर फ़ैसला सुनाया जाएगा,
        
                                                    
                            
जो किया है आदमी ने, वो उसी को लौटाया जाएगा।

आज चाहे अपनी ताक़त पर बहुत नाज़ कर ले कोई,
कल उसी के सामने उसका किया लाया जाएगा।

दर्द देकर ये न समझो कि कहानी ख़त्म हुई,
ज़ख़्म का हर एक क़तरा हिसाब माँगने आएगा।

सच को दबा दो चाहे सदियों की ख़ामोशी के तले,
झूठ का पर्दा किसी दिन ख़ुद-ब-ख़ुद उठ जाएगा।

फ़र्ज़ से भागोगे तो रास्ते बदल सकते हो मगर,
कर्म का पीछा आदमी से कब तलक छूट पाएगा।

आज टालोगे जिसे, कल सामने खड़ा होगा वही,
वक़्त बीतेगा मगर क़र्ज़-ए-अमल बढ़ता जाएगा।

किसी मज़लूम की आहों को समझ लेना हवा,
एक दिन वो आसमाँ तक अपना असर ले जाएगा।

‘अशफ़ाक़’ इतना यक़ीं रख अपने हर कर्म पर,
वक़्त ख़ामोश है, मगर सब कुछ लिखा जाएगा।
2 घंटे पहले
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