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हर एक मोड़ पे अपना जवाब चुनना है

Ashfaque Alam

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर एक मोड़ पे अपना जवाब चुनना है,
        
                                                    
                            
हमें ही अपने सफ़र का हिसाब चुनना है।

ये ज़िंदगी है, यहाँ कुछ भी मुफ़्त नहीं मिलता,
हर एक ख़्वाहिश को अपना ख़्वाब चुनना है।

जो लोग साथ रहें, उनकी क़द्र करना भी,
हर एक रिश्ते में थोड़ा लिहाज़ चुनना है।

चमक के पीछे हमेशा हक़ीक़तें नहीं होतीं,
हमें तो पहले ज़रा-सा नक़ाब चुनना है।

किसी को चुन लिया है तो फिर निभाना भी,
न रोज़-रोज़ नया कोई ख़्वाब चुनना है।

किसी के हिस्से में काँटे भी आ सकते हैं,
किसी के हिस्से में खिलता गुलाब चुनना है।

न दोष देना मुक़द्दर को हर शिकस्त के बाद,
जो ख़ुद किया है उसी का हिसाब चुनना है।

कभी अँधेरा भी रास्ता दिखा देता है,
हर एक रात में अपना आफ़ताब चुनना है।

‘अशफ़ाक़’ उम्र भर का सफ़र है ये ज़िंदगी
जिसे चुन लिया है, उसी का जवाब बनना है।
2 घंटे पहले
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