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रश्मे उल्फत यहां हम निभाते रहे

Arjun Prabhat

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम दिखाते रहे हम छिपाते रहे
        
                                                    
                            
रश्मे उल्फत यहां हम निभाते रहे।।

प्यार तुम भी किए ,प्यार हम भी किए
तुम खुदी के लिए, हम खुदा के लिए
फर्ज हमने निभाया ,यहां चुप रहे
फ़र्ज़ तुम क्या निभाए, जताते रहे ।
रश्मे उल्फत यहां हम निभाते रहे।।

गीत हमने लिखे ,गीत तुमने लिखे
गीत मेरे छुपे ,गीत तेरे दिखे
गीत को साधना मान कर हम जिए
गीत महफिल में तुम गुनगुनाते रहे ।
रश्मे उल्फत यहां हम निभाते रहे।।
9 घंटे पहले
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