विज्ञापन

युद्ध प्रचंड होगा

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            धरती हिंदुस्तान की ललकार रही है
        
                                                    
                            
धरती बलिदान की हुंकार रही है
अब शांति वार्ता नहीं रण होगा
केवल रण वार्ता नहीं महा रण होगा
युद्ध प्रचंड होगा
भारत अखंड होगा
अक्साई चिन,पीओके ले लेंगे
बदले में प्राण दे देंगे,प्राण ले लेंगे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
गुदरी सिंह के टोला पांडे पुर बैरिया बलिया उत्तरप्रदेश
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12492 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10362 कविताएं

View Profile