विज्ञापन

यह आजादी ऐसे ही नहीं आई है

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यह आजादी ऐसे ही नहीं आई है
        
                                                    
                            
इसके लिए वीरों ने प्राण गंवाईं है
इसके लिए वीरों ने काले पानी की सजा पाई है
इसके लिए वीरों ने रातों की नींद उड़ाई है
इसके लिए वीरों ने कोड़ों की मार खाई है
इसके लिए वीरों ने भूखे प्यासे रात बिताई है
यह आजादी ऐसे ही नहीं आई है।
- सहज कुमार
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kahar

5 कविताएं

View Profile

Prashant Sharma

2 कविताएं

View Profile

Anil Pandey

385 कविताएं

View Profile