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शहर श्याम नारायण पांडेय का

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बलिया आजमगढ से काट कर
        
                                                    
                            
बना एक नया सुंदर सा शहर
प्यारा सा शहर
मऊनाथ भंजन
करता मैं उसका बंदन
लगाऊं माथे पर चंदन
१९८८ में गया वहां मैं
खूब पढ़ा वहां मैं
आगे बढ़ा वहां मैं
शहर श्याम नारायण पांडेय का
शहर सुंदर सजा दुल्हन सा
फिर कभी आऊंगा
और शीष झुकाऊंगा
मेरे शहर तुम प्यारे
मेरे शहर तुम दुलारे।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
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