विज्ञापन

कपड़ों को कहां सुखाऊं?

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिन भर बरसा पानी
        
                                                    
                            
रात भर बरसा पानी
घर घर बरसा पानी
टिप टिप बरसा पानी
टप टप बरसा पानी
इधर पानी
उधर पानी
कपड़ों को कहां सुखाऊं?
कैसे बाहर जाऊं?
कहां बाहर जाऊं?
रुको पानी
रोको पानी
दूभर हुई जिंदगानी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all