विज्ञापन

बनो दर्पण

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बनो एक दर्पण
        
                                                    
                            
करो पूर्ण समर्पण
करो कुछ अर्पण
बनो स्वर्ण कण
है मूल्यवान हर क्षण
है मूल्यवान हर कण
खुद को समझो
सबको समझो
देखो दर्पण
दिखा दो दर्पण।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
6 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all