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तुम्हें भी एहसास हो हमारे साथ की बेकरारी का

Anju Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हमारी कमी महसूस हुई,
        
                                                    
                            
जब हम कुछ दूर हुए।
सपनों में किसी के मुस्कुराने लगे,
जब हम यादों में आने लगे।
गिनती नहीं होती थी कभी बेगानी सी,
अब अपनों में भी ढूँढे जाने लगे।
कुछ तो बात थी हम में,
जो दिल की धड़कनें तुमको धड़काने लगे।
कभी पास होकर भी जो महसूस ना हुए हम,
अब दूर होकर अपनी जिंदगी का एहसास दिलाने लगे।
तुम्हें भी एहसास हो हमारे साथ की बेकरारी का,
अब जान-बूझकर हम यह एहसास दिलाने लगे।

 
एक घंटा पहले
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