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पढ़ेंगी बेटियां

Anju Kanwar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जन जन का कल्याण होगा
        
                                                    
                            
सबकी ये आवाज़ है,
पढ़ेगी बेटी,उठेगी बेटी
सबकी बस यही आस है

नारी का अस्तित्व दिखाना
परिभाषा बतानी है,
हिंसाओं के प्रति
उनको आवाज़ उठानी है

छेड़छाड़ की पटरी की अब
रेल उतारनी है,
बलात्कारियों की सजा के लिए
नारी को कानून की डोर संभालनी है
दहेज के लालची लोगो के लिए
अब वकालात कर दिखानी है

अक्षरों के ज्ञान से ही
पुस्तक लिख दिखानी है
बेटियों को पढ़कर ही तो
जिम्मेदारी संभालनी है।।

आतंकवादियो को मार कर तो
देश में सुरक्षा लानी है
पढ़ लिख कर ही तो
डॉक्टर की उपाधि लानी है।।

आसमां से अंतरिक्ष तक
रॉकेट को पहुंचना है
पढ़ लिख कर ही तो
नारी को वैज्ञानिक बनाना है।।

भ्रष्टाचार,लालची लोगो के
देश से हटाना है
पढ़ लिख कर ही तो बेटियों को
प्रशासनिक अधिकारी बनाना है।।

देश में उठी हिंसा की दलीलों को
कम करवाना है
पढ़ लिख कर ही तो नारी को
देश का भविष्य बचाना है।।

राजनीतिक संगठन में पैर
धरकर , झूठा साबित करवाना है
काम, लोभ, लालची जो लोग
मासूम जनताओं की बलि चड़ाता है।।

किसानो की फसलों के लिए
दवा ऐसी बनानी है।
फैल रही टिड्डी जो साफ खेत कर
जाती है।।

कोरोना से हुई बीमारी
जन जन में आयी है
भय,डर से देश में
क्रांतिकारी छाई है

कोरोना भगाने में वैक्सीन ऐसी
बनानी है, पढ़ लिख कर ही तो
बेटियों को नारी शक्ति दिखानी है।

लॉक डाउन में टूटे देश में आर्थिक
संकट की कमी आयी है
नए सिरे से ज़िन्दगी जी कर
देश को आत्मनिर्भर बनाना है

- अंजू कंवर
जयपुर राजस्थान

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6 वर्ष पहले
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