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दुश्वारियों की सूरतें एहसान हो गई

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब से हकीकतों से पहचान हो गई
        
                                                    
                            
हर राह सफर की फिर आसान हो गई
दस्तक दिया उसूलों ने देर से सही
खुशियां हमारे घर की मेहमान हो गई
किसने सीखा दिया है हुनर जीने का हमें
लोगों की साजिशें सभी नाकाम हो गईं
जो खो गया उससे भी ज्यादा ही मिल गया
फरमान पर चले जिंदगी इनाम हो गई
शोहरत अता हुई,हुई सब दौलतें हासिल
नाकामियां रुस्वा हुईं बेकाम हो गईं
रब ने दिया तो कुछ भी कमी न रही अब
दुश्वारियों की सूरतें एहसान हो गई
एक घंटा पहले
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