छोड़ देने को उम्र भर के लिए
देखना भी था एक नजर के लिए
कुछ भी करने की दरकार न थी
होना तेरा ही बहुत था असर के लिए
तुम कुल्हाड़ भी लेकर आए
हवा काफी थी सूखे शज़र के लिए
जाने कैसे चला आता था वो
थम गई हवा भी रहगुजर के लिए
चांदनी रात और,ख्याल कोई
एक साहिल था हर लहर के लिए
एक ठिकाना तलाश करना था
या भटकना था दर बदर के लिए
जिसे अमृत न मिला पीने को
वो परेशान है जहर के लिए