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किन्नर

Anand Ahire

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ना पूंछ मुझसे के मैं कौन हूं
        
                                                    
                            
ख़ुदा की नेमत हूं रहमत हूं मोहब्बत हूं
ना पुंछ मुझसे के मैं कौन हूं
जो ना निभा पाएगा तू मैं वो किरदार हूं
मैं वफ़ा से भी ज़्यादा वफ़ादार हूं
तेरे समाज ने भले ही ठूकराया है मुझे
मगर मैं इस समाज का पहरेदार हूं
मेरी दी हुई दुआएं तो तू ले लेता है
मगर जो ना कर सके तू मुझसे
मैं वो कारोबार हूं
लोग जानते हैं किन्नर के नाम से मुझे
शायद तू नहीं समझ पायेगा
मैं तुझसे ज्यादा समझदार हूं
मैं लड़ रहा हूँ आज भी मेरे वजूद के लिए
जो ना दे पाया है तू मुझे मैं वो पहचान हूँ
हा मैं किन्नर हूं मैं खुदगर्ज नहीं मैं खुद्दार हूं
-आनंद
3 वर्ष पहले
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