कहकर के सच जो झूठ बताया गया है,
मैं वो सच ढूंढ रहा हूं जो हमसे छुपाया गया है।
ऊपरवाले ने तो बनाये थे केवल इंसान,
ना जाने क्यों मुझे हिंदू और तुझे मुसलमा बताया गया है।
मजहब तो बस एक ही था इंसानियत,
मैं वो वजह ढूंढ रहा हूं जिस से मजहब बनाया गया है।
बहुत कुछ खो दिया है हमने इस जंग में,
मोहब्बत, इज्जत, रुतबा, शोहरत, मैं ढूंढ रहा हूं वो कर्म जो मोक्ष के लिए बनाया गया है।
- आनंद