सीने में उठता कोई तूफ़ान है तूफ़ान है
ना पूछो मुझ से क्या बताऊं
क्यों उठा है जलजला ये , धधक रही ये कैसी आग है
न जमीं है ना आसमा है
खोने के लिए क्या है क्या है
सीने में उठता कोई तूफ़ान है तूफ़ान है
छाई है कैसी ये वीरानी हा वीरानी
दूर तलक दूर तलक फ़ैला सन्नाटा है
लिपटी हुई मुझे मेरी परछाई
जाने कैसा जाने कैसा उससे नाता है
सीने में उठता कोई तूफ़ान है तूफ़ान है ।