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मोहब्बत की दहलीज

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर रोज हम तुमको याद करते हैं
        
                                                    
                            
मिलने की बार बार फरियाद करते हैं
गिले शिकवे हमारे बीच लाख हो मगर
सुबह उठते तेरी ही तस्वीर का दीदार करते हैं
3 महीने पहले
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