मेरे अधूरे जीवन को फिर से पूरा करना चाहता हूँ,
तेरे साथ फिर से अपने सपनों को जीना चाहता हूँ।
जी रहा हूँ आजकल अकेला और तन्हा-सा हूँ,
तेरे संग फिर से खुलकर हँसना चाहता हूँ।
जो भी ख्वाब हैं मेरे, तुझसे सजाना चाहता हूँ,
जो भी बातें दिल में हैं, तुझसे बताना चाहता हूँ।
मेरी हर खुशी, हर ग़म तुझसे बाँटना चाहता हूँ,
तेरे संग हर पल अपना बनाना चाहता हूँ।
जो बीत गया उसे पीछे छोड़ना चाहता हूँ,
टूटे हुए रिश्ते को फिर से जोड़ना चाहता हूँ।
तेरा हाथ पकड़कर दूर तक चलना चाहता हूँ,
तेरे साथ हर मुश्किल में भी रहना चाहता हूँ।
बस तू एक बार हाँ कह दे, इतना ही चाहता हूँ,
फिर इस दुनिया से और कुछ नहीं चाहता हूँ।
सब कुछ छोड़कर तुझे अपना बनाना चाहता हूँ,
तेरे साथ पूरी ज़िंदगी बिताना चाहता हूँ।
तेरे चेहरे की मुस्कान की वजह बनना चाहता हूँ,
तेरे हर आँसू को अपनी पलकों पर रखना चाहता हूँ।
तेरे सुख में हँसना, तेरे दुख में रोना चाहता हूँ,
हर जन्म में बस तेरा ही होना चाहता हूँ।
अगर तू साथ हो तो हर दर्द सहना चाहता हूँ,
तेरे साथ हर सुबह, हर शाम जीना चाहता हूँ।
जो अधूरा रह गया है, उसे फिर से पूरा करना चाहता हूँ,
मैं बस एक बार फिर से तुझे पाना चाहता हूँ।