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वजह और जंग

Ahmad Mateem

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ना तलवार से ना गन से ना वार से सुलझे, 
        
                                                    
                            
यहाँ मसले कई पुराने सिर्फ बात से सुलझे,
ये सच है युद्ध के बाद भी होती है बातचीत,
फिर भी कुछ देश यहाँ बात बात पर उलझे!!

लगा कर इलजाम वो बगावत का,
तबाह कर देते हैं पूरे शहर के शहर,
बस यही एक पैतरा लगा के लोग,
एक एक करके समाज से उलझे!!
- Mohammad Mateem Mansoori✍️
जीवनदर्शन
2 वर्ष पहले
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