विज्ञापन

जीवन तुम्हें जितनी बार चुनाव का मौका दे तुम चुनना

Aditi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चुनना तुम अपने स्वाभिमान को,
        
                                                    
                            
चुनना तुम अपने आत्म-सम्मान को,
जीवन तुम्हें जितनी बार चुनाव का मौका दे तुम चुनना।
इन्तजार की जगह तुम सवाल करना चुनना,
बात की जगह तुम बहस चुनना,
चुनना अपनी दिल की भोलेपन को,
चुनना अपने दिमाग ki शांति को,
हर बार चुनन,
जीवन तुम्हें जितनी बार चुनाव का मौका दे तुम चुनना,
फिर वह चुनाव (मतदान) हो, संघर्ष हो या प्रेम।
तुम चुनना।
एक दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Yunush khan

8144 कविताएं

View Profile

Mamta Tiwari

650 कविताएं

View Profile

dev chauhan

232 कविताएं

View Profile