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इहवा जदी शोर होई तs विवाद बढ जाई हद से जादा।

ABHISHEK KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ऑफिस में मुँह देख देखिके, मिलता सबके छुट्टी।
        
                                                    
                            
होई जाई कल्याण तोहरो, साहब जे दिने पूछी।।

धधकल अगिया ठंडा पडल बा फेरू ना धधकाव।
सब कुछ ठीक-ठाक चलत बा फेरू ना गड़बड़ाव।।

कहतबानी तोहसे हमरो स्वाभिमान जनी छिना।
तू हूँ भी गलती पर गलती कइला कुछूँ तs गिना।।

हमरे तोहरे लड़ाई में कुकुरो माज़ा लेत बा।
तोहके भी पता बा कि तोहके उ का देत बा।।

इहवा जदी शोर होई तs विवाद बढ जाई हद से जादा।
अभिषेक अवतारी से ना कहिहs कि ना जनलीं दादा।।
3 घंटे पहले
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