विज्ञापन

हम बिहारी बिहार मेरा अभिमान

अमित अनुपम

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हम बिहारी, बिहार मेरा अभिमान।
        
                                                    
                            
हम नालंदा का ज्ञान
हम मगध साम्राज्य महान।
हम बुद्ध की अहिंसा हैं।
हम महावीर का ध्यान।
हम बिहारी, बिहार मेरा अभिमान।।

हम वैशाली का प्रथम लोकतंत्र।
दिया विश्व को जन शासन का अभिमंत्र।
हम आर्यभट्ट की धरती हैं।
दिया हमने शून्य का ज्ञान।
हम बिहारी, बिहार मेरा अभिमान।।

हम अशोक का धम्म।
हैं हम सारनाथ स्तंभ।
हम चाणक्य की नीति हैं।
हम कर्ण का अंग महान।
हम बिहारी, बिहार मेरा अभिमान।।

हम गंगा की पावन धारा।
हम जरासंध का प्राचीन अखाड़ा।
हम फल्गु वैतरणी हैं।
हम करते पुरखों का पिंडदान।
हम बिहारी, बिहार मेरा अभिमान।।

हम गांधी का चंपारण हैं।
हम राजेन्द्र प्रसाद का सारण हैं।
हम दिनकर की कविता हैं।
हम कुंवर सिंह का अमर बलिदान।
हम बिहारी, बिहार मेरा अभिमान।।

हम जयप्रकाश की सम्पूर्ण क्रांति।
हम राजगीर का विश्व स्तूप शांति।
हम दशरथ मांझी का निश्चल प्यार।
हम कवि विद्यापति मिथिला शान।
हम बिहारी, बिहार मेरा अभिमान।।

अमित अनुपम


हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Aditya Mishra

1 कविता

View Profile

Ankit Kumar

10489 कविताएं

View Profile