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छोड़ गए प्यारेलाल वडाली अपना सूफ़ीयाना अंदाज़...

काव्य डेस्क

Kavya Charcha
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                                                  'वडाली ब्रदर्स' पूरनचंद वडाली और प्यारेलाल वडाली की जोड़ी को कहा जाता है जो कि पंजाब के प्रसिद्ध सूफ़ी गायक और संगीतकार हैं, हाल में प्यारेलाल वडाली की मृत्यु हो गई। 
इस मशहूर जोड़ी ने मंदिरों से लेकर बॉलीवुड तक में भी अपने गायन से समां बांधा और ख़्याति प्राप्त की है। इन्हें सुनकर आप सूफ़ीवाद के आनंद को महसूस करने लगेंगे। 

पेश हैं उनके गाए कुछ गानों के बोल और वीडियो   
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ए रंगरेज़ मेरे...

यह गाना फ़िल्म तनु वेड्स मनु में है।

ए रंगरेज़ मेरे, ए रंगरेज़ मेरे, ये बात बता रंगरेज़ मेरे,
ये कौन से पानी मे तूने कौन सा रंग घोला है,
ये कौन से पानी मे तूने कौन सा रंग घोला है
के दिल बन गया सौदाई मेरा बसंती चोला है, मेरा बसंती चोला है,

अब तुमसे क्या मैं शिकवा करूँ, मैने ही कहा था ज़िद करके,
रंग दे चुनरी पी के रंग मे (रंग दे रंग दे रंग दे चुनरी पी के रंग में)
पर मुए कपास पे रंग ये ना रुके
रंग इतना गहरा तेरा की जानो जिगर तक भी रंग दे, जिगर रंग दे…

रंगरेज़ तूने अफीन क्या है खा ली, जो मुझसे तू ये पूछे के कौन सा रंग?
रंगों का कारोबार है तेरा, ये तू ही तो जाने, कौन सा रंग.

मेरा बालम रंग, मेरा साजन रंग, मेरा कातिक रंग, मेरा अगहन रंग, मेरा फागुन रंग, मेरा सावन रंग,
पल पल रंगते रंगते, मेरे आठों पहर मनभावन रंग
एक बूँद इश्क़ियाँ डाल कोई तू, एक बूँद इश्क़ियाँ डाल कोई,
मेरा सातों समंदर जाए रंग, मेरी हद भी रंग, सरहद भी रंग, बेहद रंग दे, अन्हद भी रंग दे,
मंदिर मस्जिद, मयकद रंग, (रंगरेज़ मेरे, रंगरेज़ मेरे, रंगरेज़ मेरे)

रंगरेज़ मेरे दो घर क्यूँ रहे, एक ही रंग में दोनो घर रंग दे, दोनो रंग दे,
पल पल रंगते रंगते रंगते रंगते नैहर पीहर का आँगन रंग
पल पल रंगते रंगते रंगते रंगते मेरे आठों पहर मनभावन रंग

नींदे रंग दे, करवट भी रंग, ख्वाबों पे पड़े सलवट भी रंग, ये तू ही है, हैरत रंग दे,
आ दिल में समा हसरत रंग दे, आजा और वसलत रंग दे, जो आ ना सके तो फुरक़त रंग दे
दर्दे हिजरा लिए दिल में दर्दे हिजरा लिए दिल में दर्दे मैं ज़िंदा रहूँ, मैं ज़िंदा रहूँ ज़ुर्रत रंग दे.

रंगरेज़ मेरे, रंगरेज़ मेरे, तेरा क्या है असली रंग, अब तो ये दिखला दे,
मेरा पिया भी तू, मेरी सेज भी तू,
मेरा रंग भी तू, रंगरेज़ भी तू,
मेरी नैया भी तू, मजधार भी,
तुझमें डूबू, तुझमें उभरूँ,
तेरी हर एक बात सर आँखों पे, मेरा मालिक तू, मेरा साहिब तू,
मेरी जान मेरी जान, तेरे हाथो में, मेरा क़ातिल तू, मेरा मुनसिफ़ तू,
तेरे बिना कुछ सुझे ना, तेरे बिना कुछ सुझे ना,

मेरी राह भी तू, मेरा रहबर तू, मेरा सरवर तू, मेरा अक़बर तू,
मेरा मसरिक तू, मेरा मगरिब तू, ज़ाहिद भी मेरा, मुर्शिद भी तू,
अब तेरे बिना मैं जाउँ कहाँ, अब तेरे बिना मैं जाउँ कहाँ, अब तेरे बिना मैं जाउँ कहाँ,
तेरा बिना अब मैं जाउँ कहाँ...
तेरे बिना तेरे बिना तेरे बिना...

ए रंगरेज़ मेरे, ए रंगरेज़ मेरे ये बात बता रंगरेज़ मेरे
ये कौन से पानी में तूने कौन सा रंग घोला है,
ये कौन से पानी में तूने कौन सा रंग घोला है
के दिल बन गया सौदाई, और मेरा बसंती चोला है, मेरा बसंती चोला है।

तू माने या ना माने दिलदारा...

तू माने या ना माने दिलदारा
असां ते तैनू रब मनया

दस होर केड़ा रब दा दवारा
असां ते तैनू रब मनया

अपने तन कि ख़ाक उतारी
तब ये इश्क की मंज़िल पायी
मेरी साँसों का बोले इकतारा
असां ते तैनू रब मनया

तुझ बिन जीना भी क्या जीना
तेरी चौखट मेरा मदीना
कहीँ और ना सजदा गंवारा
असां ते तैनू रब मनया

हँसते हँसते हर गम सहना
राज़ी तेरी रज़ा में रहना
तूने मुझको सिखाया है यारा
असां ते तैनू रब मनया

बुल्ला कि जाणां मैं कौन...

बुल्ला कि जाणां मैं कौन 
ना मैं मोमिन विच मसीताँ
ना मैं विच कुफ्र दियां रीताँ
ना मैं पाकां विच पलीताँ
ना मैं अन्दर वेद किताबाँ
ना मैं रहदाँ भंग शराबाँ
ना मैं रिंदाँ मस्त खराबाँ
ना मैं शादी ना ग़मनाकी
ना मैं विच पलीति पाकी
ना मैं आबी ना मैं खाकी
ना मैं आतिश ना मैं पौण

ना मैं अरबी ना लहोरी
ना मैं हिन्दी शहर नगौरी
ना हिन्दु ना तुर्क पेशावरी
ना मैं भेद मज़हब दा पाया
ना मैं आदम हव्वा जाया
ना मैं अपणा नाम कराया
आव्वल आखिर आप नूँ जाणां
ना कोइ दूजा होर पहचाणां
मैं थों होर न कोई सियाणा
बुल्ला शाह खडा है कौण

ना मैं मूसा न फरौन
ना मैं जागन ना विच सौण
ना मैं आतिश ना मैं पौण
ना मैं रहदां विच नादौण
ना मैं बैठां ना विच भौण
बुल्ला शाह खडा है कौण
बुल्ला कि जाणां मैं कौन



 

रब का दीदार पा लिया...

तौबा क्या नूर क्यालुम है 
क्या चेहरा मेरी सरकार का है
जिसने भी उतारा है दिल में 
जिसने भी उतारा है दिल में 
हकदार वही दीदार का है

तुझे पा लिया तो ऐसा लगा यारा
कि रब का दीदार हो गया 
जब गिरे तो कोई नहीं था पूछता 
उठे के तूने सीने से लगा लिया 
कि रब का दीदार पा लिया 
तुझे पा लिया तो ऐसा लगा यारा

ऐसा रंग इश्क तेरे दा सानु चढेया 
गया हमसे भी कलमा प्यार वाला पढ़ेया
हुई नैनो से जो दिल वाली बातें 
कि रब का दीदार पा लिया 
तुझे पा लिया तो ऐसा लगा यारा

डोर शुरू हुआ तेरे साथ मुलाकातों का 
भूल न वो पल रहमतों की बारिश का 
निजामपूरी वे लफ्ज़ तेरी शायरी दे 
बनके नगमें नु गा लिया 
कि रब का दीदार पा लिया 
तुझे पा लिया तो ऐसा लगा यारा

यह गाना फ़िल्म मौसम में है। 

जब जब चाहा तूने रज्ज के रुलाया 
जब जब चाहा तूने खुल के हंसाया
जब जब चाहा तूने खुद में मिलाया
इक तू ही तू तू ही तू ही तू ही- 2

मेंढा तो है रब्बा खो गया
मेंढा ते है सब खो गया
तेरियां मोहब्बता ने लूट पुट सायां
तेरिया मोहब्बता ने सचेया सतायां
खाली हाथ मॉली ना तू खाली हाथ आया

मेंढा तो है रब्बा खो गया
मेंढा ते है सब खो गया

जब जब चाहा तूने रज्ज के रुलाया 
जब जब चाहा तूने खुल के हंसाया
जब जब चाहा तूने खुद में मिलाया
इक तू ही तू तू ही तू ही तू ही- 2

जब जब चाहा तूने रज्ज के रुलाया 
जब जब चाहा तूने खुल के हंसाया
जब जब चाहा तूने खुद में मिलाया
इक तू ही तू तू ही तू ही तू ही- 2

काँच पे चलना आँच में जलना
जितने भी दर्द है माए सह ना सके ये जिंदड़ी 
ज़हर को पीके सूली पे जीके 
निकले जो दम कभी तो इन दर्दों से छूटे जिंदड़ी
यूँ वक़्त कटे मेरी जान कटे
अरमान सभी टुकड़ों में बंटे 

काँच पे चलना आँच में जलना
जितने भी दर्द है माए सह ना सके ये जिंदड़ी 
तेरिया जुदाईयाँ अग्गे दुख सारे छोटे 
तेरिया जुदाईयाँ अग्गे सुख सारे खोटे
पल पल होते मेरे दिल दे टोटे

मेंढा तो है रब्बा खो गया 

दिल की गागर से सात सागर से
छलके है तो क्यों ये पाँचो
दरिया भी हैरान हो गए 
साज़ तन मान के सोने से खनके 
साथ मेरे था जब मेरा
अब तो ये वीरां हो गए 

तेरे ग़म को मिटावां कैसे
तुझको भुलावां कैसे
लगियां निभावां कैसे
बिछड़े को पावां कैसे  

दिल की गागर से सात सागर से
छलके है तो क्यों ये पाँचो
पाँचो दरिया भी हैरान हो गए
तेरियां मोहब्बतां ने हक़ भी दिए हैं
तेरिया मोहब्बता ने दुख भी दिए हैं  
तेरे बिना लाख बारि मर के जिए 

मेंढा तो है रब्बा खो गया

जब जब चाहा तूने रज्ज के रुलाया 
जब जब चाहा तूने खुल के हंसाया
जब जब चाहा तूने खुद में मिलाया
इक तू ही तू तू ही तू ही तू ही- 2

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